निवेश का मौका है आर्थिक मंदी!
लम्बी अवधि के निवेशकों के दिमाग में एक बात हमेशा रहती है कि आर्थिक मंदी हमेशा के लिए नहीं रह सकती. जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर निकलेगी, वैसे-वैसे ही शेयर बाजार में भी पॉजिटिविटी आएगी. इसलिए जब भी शेयर बाजार में किसी भी कारण गिरावट आती है तो शेयर खरीदने का अच्छा मौका होता है.

how to make money from falling share market which is called short selling, this week share markeing remain in red zone

गिरते बाजार में हरगिज न करें ये गलतियां, चुकानी पड़ सकती है भारी कीमत

भारतीय स्टॉक मार्केट में इस साल भारी गिरावट देखने को मिली है। हालांकि इसने ग्लोबल मार्केट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस तरह के गिरते बाजार में तमाम निवेशक इस उम्मीद में खराब क्वालिटी के स्टॉक में टिके रहते हैं कि इनमें मार्केट रिकवर होने पर सुधार होता दिखेगा। गिरावट में खरीद करने वाले कुछ निवेशक मार्केट करेक्शन में भारी मार खाए खराब क्वालिटी के शेयरों में खरीदारी करने की गलती करते हैं।

बाजार जानकारों का कहना है कि निवेशकों को बाजार में आने वाले किसी भी करेक्शन का इस्तेमाल अपने पोर्टफोलियो में शामिल खराब क्वालिटी के स्टॉक से छुटकारा पाने के लिए करना चाहिए और करेक्शन में अच्छे क्वालिटी के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए।

Tradingo के फाउंडर पार्थ न्याति का कहना है कि भारतीय बाजारों ने हाल में आई गिरावट में अपने ग्लोबल पीयर्स की तुलना में काफी अच्छी मजबूती दिखाई है। इसके बावजूद हमारा मानना है कि निवेशकों को ऐसी कंपनियों से दूर रहना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स कमजोर हैं। इसके अलावा निवेशकों को पेनी स्टॉक्स और ओवरवैल्यूड और खबरों पर आधारित स्टॉक्स से भी दूर रहना चाहिए। जिन निवेशकों के पास ऐसे स्टॉक हों उनको घाटे मुनाफे का विचार किए बिना तुरंत इन शेयरों से निकल जाना चाहिए और ऐसी क्वालिटी कंपनियों में निवेश करना चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावना अच्छी है। जिनका वैल्यूएशन अच्छा हो और जिनको प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल हो।

आर्थिक मंदी में गिरता क्यों है शेयर बाजार? मंदी में कैसी होनी चाहिए निवेश की रणनीति

लम्बी अवधि के निवेशक जानते हैं कि आर्थिक मंदी हमेशा के लिए नहीं रह सकती.

लम्बी अवधि के निवेशक जानते हैं कि आर्थिक मंदी हमेशा के लिए नहीं रह सकती.

एक निवेशक तो मंदी से गुजर रही स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना चाहिए या नहीं? गिरावट में पैसा लगाना सुरक्षित रहेगा क्या? लम . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : July 29, 2022, 16:51 IST
एक निवेशक तो मंदी से गुजर रही स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना चाहिए या नहीं?
प्रॉफिट मार्जिन नहीं बढ़ता है तो शेयरों के भाव भी गिरने लगते हैं.
शेयर बाजार में किसी भी कारण गिरावट आती है तो शेयर खरीदने का अच्छा मौका होता है.

नई गिरता शेयर बाजार दिल्ली. अगर शेयर बाजार ऊपर भाग रहा हो तो भी निवेशक डरे रहते हैं कि खरीदें या नहीं, क्योंकि मार्केट में किसी भी समय गिरावट आ सकती है. और अगर बाजार लगातार गिर रहा हो तो भी निवेशक डरते हैं, पता नहीं कहां तक गिरेगा? जब आर्थिक मंदी के हालात हों तो बाजार की गिरावट का कोई स्तर नहीं होता. मंदी की भी कोई निश्चित अवधि नहीं होती.

Stock Market: लगातार गिरते शेयर बाजार से निवेशकों को करोड़ों नुकसान, संभलकर कर रहे इन्‍वेस्‍ट

शेयर ब्रोकर पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बाजार के अभी संभलने के कोई आसार नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। बाजार गिरने का कारण बैंकों का रेपो रेट और कच्चे तेल के कारण बाजार नीचे जा रहा है। ऐसे में निवेशकों को थोड़ा संभलकर कदम उठाना होगा।

प्रयागरजा, जागरण संवाददाता। सोमवार को बाजार खुलने के साथ ऐसा गिरा की निवेशकों को करोड़ों रुपये की चपत लग गई थी। वैश्विक मंदी के चलते शहर के भी कई निवेशकों को करोड़ों की चपत लगी। मंगलवार को बाजार का रुख सकारात्मक नहीं रहा। सोमवार सुबह वह 300 अंक गिरकर खुला लेकिन दिन में थोड़ा संभला रहा। शाम होते होते एक बार फिर वह लगभग ढाई सौ अंक गोता लगाकर बंद हुआ।

रूस व यूक्रेन युद्ध के बाद से शेयर बाजार में मंदी : रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही शेयर से लेकर सभी बाजारों गिरता शेयर बाजार में मंदी का रुख है। खास तौर से अमेरिका में महंगाई दर में बढ़ोतरी के बाद स्थित काफी दयनीय हो चली है। इसी कारण विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं या फिर थोड़े-थोड़े समय के अंतराल के बाद मुनाफा वसूली कर रहे हैं। इससे शेयर बाजार बढ़ता तो है लेकिन कुछ दिनों में फिर गिरावट का रुख रहता है। निवेशकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि इन्‍वेस्ट के बाद अगर फिर से बाजार टूटता है, तो उनको दोहरा नुकसान होगा।

मल्टीबैगर शेयरों की इस तरह करें पहचान, गिरते बाजार में भी होगी बंपर कमाई

Alok Kumar

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Updated on: November 13, 2022 6:55 IST

मल्टीबैगर शेयर- India TV Hindi

Photo:INDIA TV मल्टीबैगर शेयर

Share Market में निवेश करने वालों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। ऐसे में यह संभव है कि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हों। आप को ऐसे खबरें सुनने में आती होगी कि इस एक शेयर ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। एक साल में 10 हजार रुपये को 1 लाख बना दिया है। वहीं, किसी दूसरे शेयर में निवेशक ने 10 लाख लगाया तो वह दो साल में ही 3 करोड़ हो गया है। इस तरह के शेयर को बाजार की भाषा में मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stocks) कहते हैं। हालांकि, एक निवेश के लिए इस तरह के स्टॉक की पहचान करना काफी मुश्किल होता है। ज्यादातर निवेशक जब किसी शेयर में निवेश करते हैं तो वह टूटकर नीचे चला आता है। इससे निवेशकों को नुकसान होने लगता है। अब सवाल उठता है कि मल्टीबैगर स्टॉक की पहचान कैसे की जाए। तो आइए, हम आपको बताते हैं कि आप किस तरह मल्टीबैगर स्टॉक की पहचान कर सकते हैं।

इस उदाहरण से समझिए शॉर्ट सेलिंग को

मान लीजिए आज शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 2200 रुपये के करीब है। शेयर के दाम बढ़कर 2230 रुपये तक जाते हैं, लेकिन आपको पता है कि आज बाजार के गिरने की संभावना अधिक है तो आप 2230 के भाव पर रिलायंस के शेयर बेच सकते हैं। इसके बाद मान लीजिए शाम होते-होते रिलायंस के शेयर की कीमत 2200 रुपये तक आ जाती है तो आप 2200 में इस शेयर को खरीद सकते हैं। इस तरह आपको प्रति शेयर 30 रुपये का मुनाफा होगा।

सवाल ये कि बिना खरीदे कोई शेयर बेचे कैसे?

शॉर्ट सेलिंग के बारे में जो लोग नहीं जानते हैं, उनका पहला सवाल यही होता है कि आखिर कोई शेयर बेचें कैसे, जब तक कि उसे हमने खरीदा ना हो। अमूमन खरीद-बेच की प्रक्रिया में पहले कोई भी सामान खरीदा जाता है, तभी उसे बेचा जा सकता है। लेकिन शेयर बाजार में ट्रेडिंग में ये खास सुविधा है कि आप पहले बेच सकते हैं और बाद में उसी शेयर को खरीद सकते हैं। हालांकि, जब आप शेयर बेच रहे होंगे यानी सेल (SELL) कर रहे होंगे, तो आपके ट्रेडिंग अकाउंट से उन शेयरों की कीमत जितने पैसे कट जाएंगे। यानी आप पहले शेयर खरीदें या पहले शेयर बेचें, दोनों ही सूरत में पैसे देने होंगे। SELL करने के बाद शेयर BUY करने पर गिरता शेयर बाजार आपको मार्जिन का फायदा होता है, जो ऊपर वाले उदाहरण में 30 रुपये है।

बड़े-बड़े निवेशकों ने शॉर्ट सेलिंग से की है मोटी कमाई

बात भले ही राकेश झुनझुनवाला की हो या फिर राधाकृष्ण दमानी की, हर किसी ने कभी न कभी शॉर्ट सेलिंग से पैसे कमाए ही होंगे। झुनझुनवाला कहते हैं कि हर्षद मेहता स्कैम के समय उन्होंने सिर्फ शेयर बेच कर ही 30-35 करोड़ रुपये कमाए थे। शेयर बाजार के इन दिग्गजों को इस बात का अंदाजा तो लग ही जाता है कि कब शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। 1990 के दशक में जब हर्षद मेहता ने शेयर बाजार को मैनुपुलेट कर के एसीसी के शेयर्स के भाव आसमान पर चढ़ा दिए थे और फिर जब वो गिरे तो राधाकृष्ण दमानी ने उन शेयरों में शॉर्ट सेलिंग से तगड़ा मुनाफा कमाया था। आपको बता दें कि हर्षद मेहता ने एसीसी के शेयर को 200 रुपये से 9000 रुपये के स्तर तक पहुंचा दिया था।

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