क्या Olymp Trade एक वैध ऑनलाइन ब्रोकर है?
वर्ष 2000 के बाद ऑनलाइन ब्रोकर लोकप्रियता हासिल कर रहे थे। सरकारों द्वारा बनाए जा रहे नए नियमों के सामने कुछ ब्रोकर टिक नहीं पाये। कुछ ब्रोकरों के प्लेटफॉर्म फ्रॉड थे जो लोगों के निवेश के बाद बिजनेस बंद करके भाग गए।
ये सब देखकर आपको आश्चर्य हो रहा होगा कि पैसे कहाँ निवेश किए जाएँ। Olymp Trade बहुत ही लोकप्रिय ब्रोकर है जो कई सालों से काम कर रहा है। क्या इसका मतलब है कि यह एक वैध ऑनलाइन ब्रोकर है? जवाब पाने के लिए लेख पढ़ें।
Olymp Trade प्लेटफॉर्म का अवलोकन
Olymp Trade एक ऑनलाइन ब्रोकर है जो वित्तीय डेरिवेटिव, मुद्रा जोड़े cryptocurrencies, या कमोडिटीज़ जैसे फ़ाइनेंशियल इन्स्ट्रुमेंट प्रदान करता है। प्लेटफॉर्म एशिया और दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े यातायात सहित दुनिया के कई विभिन्न क्षेत्रों में सुलभ है। कंपनी ने कई पुरस्कारों जीते हैं। वे लगातार नई सहायक सुविधाओं को एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर विकसित और शुरू कर रहे हैं।
कई शुरुआती ट्रेडर जानना चाहते हैं कि क्या Olymp Trade से पैसा कमाना संभव है। हाँ, संभव है, लेकिन कोई गारंटी नहीं है।
ट्रेडिंग में हमेशा एक निश्चित मात्रा में जोखिम होता है और कई ट्रेडर सारा पैसा गंवा देते हैं। लेकिन ऐसे कई ट्रेडर होते हैं जो प्लेटफॉर्म पर पैसा बनाते हैं। वे यह जानने के लिए कि बाजार कैसे काम करते हैं, विभिन्न रणनीतियों का अभ्यास करने और मनोवैज्ञानिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनगिनत घंटे खर्च करते हैं।
Olymp Trade एक वैध ब्रोकर के रूप में
अपनी रुचि की वेबसाइट की पोजीशन पता लगाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है थर्ड पार्टी वेबसाइट का प्रयोग करना। मैंने Olymp Trade की पोजीशन जाँचने के लिए SimilarWeb का प्रयोग किया था। XNUMX वां स्थान अन्य एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर वित्तीय और निवेश संस्थानों के बीच काफी ठोस प्रतिष्ठा देता है।
फिर मैंने देखा कि दुनिया भर में ट्रैफिक किस तरह वितरित है। परिणाम संतोषजनक हैं। Olymp Trade प्लेटफॉर्म पर 250 से अधिक देशों के ट्रेडर आते हैं। कुछ सिर्फ आगंतुक होते हैं, असली ट्रेडर नहीं, लेकिन यह माना जा सकता है कि अधिकतर लोग साइट पर ट्रेडिंग ट्रैंज़ैक्शन के लिए ही आते हैं। इससे एक और बात साबित होती है कि दुनिया भर के ट्रेडर Olymp Trade पर भरोसा करते हैं। सबसे ज्यादा ट्रैफिक भारत, ब्राज़ील और उक्रेन से आता है, लेकिन ऐसा कोई देश नहीं है जहाँ से सभी आगंतुकों के 20% से अधिक आते हों।
वित्तीय आयोग Olymp Trade का पूरी तरह से नियमन करता है
Olymp Trade 2014 में बनाया गया था और इसने 2016 में एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर वित्तीय आयोग से लाइसेंस प्राप्त किया। यह एक कंपनी है जो उन वित्तीय संस्थानों का निरीक्षण करती है जो ग्राहकों से एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर धन जमा करवाती हैं।
वित्तीय आयोग का सदस्य होने से Olymp Trade के ग्राहकों को यह आश्वासन मिलता है कि उनका फ़ंड Olymp Trade ऑपरेटिंग फ़ंड से अलग रहेगा। इसके अलावा, Olymp Trade के दिवालिया होने की स्थिति में मुआवजा राशि की गारंटी देता है। ट्रेडर $20.000 का रिफ़ंड प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, कोई भी समस्या आने पर सबसे पहले Olymp Trade ग्राहक सहायता टीम से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
Olymp Trade विकास
XNUMX में Olymp Trade को विभिन्न डेरिवेटिव सेक्योरिटी के ब्रोकर के रूप में स्थापित किया गया था। उस समय से कंपनी ने कई अन्य फ़ाइनेंशियल इन्स्ट्रुमेंट जैसे CFDs, मुद्राएं, सूचकांक, स्टॉक और क्रिप्टोकरेंसी आदि को शामिल किया है।
समय के साथ इसमें उपयोगी और आमतौर पर प्रयोग होने वाले टूल्स और इंडिकेटर जोड़े गए हैं। उनकी सहायता से ट्रेडिंग करना आसान हो जाता है।
अन्य सुधारों में डेस्कटॉप और मोबाइल ऐप्स से एक्सेस शामिल है। इसमें एक वीआईपी खाता भी है जो ट्रेडिंग संभावनाएँ बढ़ाता है।
ट्रेडिंग टेक्नोलॉजी लगातार आगे बढ़ रही है। निष्पादित ट्रेडों का सत्यापन VerifyMyTrade कंपनी द्वारा बाहरी रूप से किया जाता है। प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता के अनुकूल है और दुनिया भर में लोकप्रिय है।
Olymp Trade के खिलाफ शिकायतें
स्वाभाविक रूप से, शिकायतें कुछ समय बीत जाने पर आना शुरू होती हैं। Olymp Trade की भी कुछ शिकायतें एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर मिलती हैं। अपनी जांच के दौरान मुझे पता चला कि सबसे अधिक शिकायतें विड्रॉ में देरी होने के लिए आती हैं।
वास्तव में, कई ऑनलाइन प्लेटफार्मों में यह समान समस्या है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब तक किसी ने रिपोर्ट नहीं किया है कि कंपनी ने उनके पैसे न लौटाए हों।
तो कुल मिलाकर, Olymp Trade एक वैध ऑनलाइन ब्रोकर है। प्लेटफ़ॉर्म को निरंतर विकसित किया जा रहा है, और इसने अपनी योग्यता साबित की है। यही कारण है कि यह दुनिया भर में इतना लोकप्रिय हो गया है। ट्रेडरों के पास विभिन्न बाजारों में पैसा बनाने की संभावना है। और एक निःशुल्क डेमो खाता भी है जहाँ आप अपनी आवश्यकता के अनुसार अभ्यास कर सकते हैं। आप सीखेंगे कि प्लेटफ़ॉर्म कैसे कार्य करता है और फिर आप नए इंडिकेटरों या रणनीतियों को आज़माने के लिए कभी भी अपने डेमो खाते में लौट सकते हैं।
क्रूड आॅयल आैर ट्रेड वाॅर की वजह से रुपए पूरे साल गिरती रही साख, कुछ एेसा रहा प्रदर्शन
नर्इ दिल्ली। वर्ष 2018 देश की इकोनाॅमी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाएगा। क्योंकि इसका महत्वपूर्ण कारण है कि इसी साल भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी इकोनाॅमी बनकर उभरा। लेकिन भारत के रुपए का प्रदर्शन 2018 में बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा। जिसके पीछे घरेलू कारणों से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय कारण ज्यादा रहे। एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर सबसे बड़ा कारण क्रूड आॅयल की कीमतों का बढ़ना। जिसकी वजह से देश के रुपए को काफी नुकसान उठाना पड़ा। दूसरा एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर सबसे बड़ा कारण अमरीका आैर चीन के बीच ट्रेड वाॅर। जिसकी वजह से एशिया की तमाम करेंसी को नुकसान पहुंचा आैर जिसमें रुपए सबसे आगे की पंक्ति में था। आइए आपको भी बताते हैं कि इस पूरे साल रुपए का प्रदर्शन किस तरह का देखने को मिला।
जनवरी से जुलार्इ तक एेसे गिरा रुपया
www.poundsterlinglive.com की वेबसाइट के अनुसार डाॅलर के मुकाबले रुपए का प्रदर्शन कुछ खास देखने को नहीं मिला। जहां जनवरी के महीने में डाॅलर के मुकाबले रुपया 63 आैर उसके आसपास ही रहा। फरवरी महीने में रुपया 64 रुपए पर आ गया। इसी तरह से जुलार्इ महीने तक रुपए डाॅलर के मुकाबले एक एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर रुपया गिरता रहा आैर 31 जुलार्इ में रुपया 68.535 पर आकर बंद हुआ। जानकारों की मानें तो उस दौरान सिर्फ क्रूड आॅयल का ही असर देखने को मिल रहा था। जिसकी वजह से जनवरी से जुलार्इ तक रुपया एक या उससे कम की गिरावट पर चलता।
अगस्त से अक्टूबर में देखने को मिली बड़ी गिरावट
अगस्त से लेकर अक्टूबर के बीच में चीन आैर अमरीका के बीच ट्रेड वाॅर तेज होने के कारण रुपए में गिरावट आैर तेजी से देखने को मिली। क्रूड आॅयल में बढ़ती तेजी आैर ट्रेड वाॅर के कारण एक अगस्त से 31 अक्टूबर के बीच रुपए में 5.58 रुपए यानी हर महीने दो रुपए की गिरावट देखने को मिली। एंजेल ब्रोकिंग के वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता की मानें तो इस दौरान चीन आैर अमरीका के बीच ट्रेड वाॅर तेज होने के कारण भारत समेत एशिया की तमाम करेंसी में गिरावट देखने को मिली थी। वहीं क्रूड भी रुपए को झटका देने में जुटा हुआ था। जिसकी वजह से रुपए में गिरावट में तेजी देखने को मिली। आपको बता दें कि इस साल 31 अक्टूबर को रुपया डाॅलर के मुकाबले अपने सबसे बड़े गिरावट 73.96 रुपए के स्तर पर था।
दो महीने में तीन रुपए मजबूत हुआ रुपया
नवंबर से अब तक रुपए में डाॅलर के मुकाबले में थोड़ा सुधार एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार करीब दो महीने में रुपए में करीब रुपए तक का सुधार देखने को मिल चुका है। एक नवंबर को डाॅलर के मुकाबले में रुपया 73.455 रुपए था। जो 21 दिसंबर को 70.14 रुपए पर आ चुका है। पिछले दो महीने में क्रूड आॅयल की कीमतों में लगातार कटौती देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से रुपए की आैकात में इजाफा हुआ है। जानकारों की मानें आने वाले दिनों में रुपए में आैर भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
Indo Count: छह महीने में 75% कमाई के लिए इस शेयर पर लगाएं दांव, एक्सपर्ट लगा रहे हैं कंपनी के कारोबार पर दांव
Indo Count stock price updates: ब्रोकरेज कंपनी एडलवाइज ब्रोकिंग लिमिटेड ने इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों का टारगेट प्राइस ₹210 तय किया है. एडलवाइज ने इंडो काउंट के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है. मौजूदा भाव से इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश कर 75 फ़ीसदी रिटर्न कमाया जा सकता है.
indo count share price: इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के ग्राहकों में अमेरिका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं. एनएसई पर इंडो काउंट इंडस्ट्रीज के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ चुके हैं.
इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के ग्राहकों में अमेरिका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं. एनएसई पर इंडो काउंट इंडस्ट्रीज के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ चुके हैं. इंडो काउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों का भाव इस समय ₹119 है. पिछले 3 दिन से इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी दर्ज की जा रही है और अब तक यह 9 फ़ीसदी गिर चुका है.
ब्रोकरेज कंपनी एडलवाइज ब्रोकिंग लिमिटेड ने इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों का टारगेट प्राइस ₹210 तय किया है. एडलवाइज ने इंडो काउंट के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है. मौजूदा भाव से इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश कर 75 फ़ीसदी रिटर्न कमाया जा सकता है.
कपिल और प्रवीण सहाय जैसे रिसर्च एनालिस्ट ने कहा है कि इंडो काउंट इंडस्ट्रीज वित्त वर्ष 2023 के लिए बड़ी तैयारियों में जुटी है. दुनियाभर के देश कोरोना संकट के बाद खुल रहे हैं और सप्लाई चैन एवं अन्य मसलों की वजह से इस समय मांग थोड़ी कमजोर है.
रूस यूक्रेन युद्ध का भी अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर असर देखा जा रहा है, लेकिन Indo Count कंपनी को लगता है कि यह सभी समस्या अस्थाई है और इस साल के अंत तक टैक्सटाइल एक्सपोर्ट बढ़ने के साथ ही इंडोकाउंट के प्रोडक्ट की डिमांड भी बढ़ने जा रही है.
शेयर बाजार के एक्सपर्ट के मुताबिक टैक्सटाइल एक्सपोर्ट कंपनियां इस समय कॉटन के बढ़ते भाव और माल भाड़ा बढ़ने की वजह से परेशानी महसूस कर रही हैं. घरेलू टेक्सटाइल कंपनियां लागत में वृद्धि को ग्राहकों पर पास कर चुकी हैं. मांग घटने की वजह से अब दोबारा कीमत बढ़ाना संभव नहीं है. कॉटन की बढ़ती कीमत पर सरकार ने भी ध्यान दिया है और इसे काबू करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इंडो काउंट ने सस्ते दर पर कॉटन खरीदने के लिए कई समझौते किए हैं जिससे इसके कारोबार पर आने वाले समय में असर देखा जा सकता है.
सिर्फ इतने में मिलेगा ब्लू टिक, DP बदलने पर भी चला जाएगा ब्लू टिक
Elon Musk-Twitter
नई दिल्ली. जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया है तब से ट्विटर में बहुत से बदलाव हो रहे हैं. दरअसल, ट्विटर एक बार फिर अपने यूजर्स के लिए ब्लू सब्सक्रिप्शन पैकेज लॉन्च करने जा रहा है, एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर सोमवार को इस सर्विस री-लॉन्च होने के बाद यूजर्स पैसे देकर आसानी से ब्लू टिक हासिल कर पाएंगे. इसके साथ ही यूज़र्स को ब्लू टिक तो मिलेगा ही साथ ही उन्हें कंटेंट एडिट के अलावा कई और सुविधाएं भी मिलेंगी. हालांकि Apple IOS यूजर्स के लिए ये सर्विस ज्यादा महंगी रहने वाली है. इस संबंध में कंपनी की तरफ से घोषणा करते हुए कहा एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर गया है कि ट्विटर ब्लू सोमवार 12 दिसंबर को लॉन्च किया जाएगा और यह सर्विस वेब पर $8 यानी 659.36 रूपये प्रति माह शुक्ल पर दी जाएगी, जबकि Apple IOS में साइन अप करने पर फीस $11 यानी 906.63 प्रति माह एशिया और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ब्रोकर शुक्ल पर दी जाएगी.
Twitter ब्लू के फायदे
इस सर्विस री-लॉन्च के बाद ट्विटर इस बार यूजर्स के अकाउंट्स की समीक्षा और भी अच्छे से करेगा, ट्विटर की ये सर्विस सिर्फ वैरिफाइड फोन नंबर वाले यूजर्स को ही दी जाएगी. इसके लिए खुद ट्विटर कर्मचारी भी अकाउंट्स की समीक्षा करने वाले हैं. इस संबंध में ट्विटर के प्रोडक्ट मैनेजर एस्थर क्रॉफर्ड का कहना है, “हमने किसी भी तरह के फर्जीवाड़े (जो ट्विटर नियमों के खिलाफ है) से निपटने के लिए कुछ नए कदम उठाए हैं और किसी भी यूजर को ब्लू टिक देने से पहले उसके अकाउंट की अच्छे से समीक्षा की जाएगी जिसमें उसमे वेरिफाईड फोन नंबर के बारे में पता किया जाएगा.”
इस सर्विस के तहत वैरिफिकेशन के बाद यूजर्स को ब्लू टिक दिया जाएगा. इसके साथ ही यूजर्स को अपने ट्वीट्स के कंटेंट को एडिट करने का भी अधिकार दिया जाएगा, हालांकि उन्हें ट्वीट एडिट करने के लिए सिर्फ 30 मिनट का ही समय दिया जाएगा. इसके अलावा यूज़र्स 1080p वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे. साथ ही लंबे ट्वीट भी किए जा सकेंगे, सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स के ट्वीट को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें सामान यूजर्स की तुलना में 50 फीसदी कम विज्ञापन दिखाए जाएंगे.
हट सकता है ब्लू टिक
ट्विटर ब्लू में दिलचस्प बात यह है कि अगर यूजर्स अपनी प्रोफाइल फोटो या नाम बदलता है तो उनका ब्लू टिक हटा दिया जाएगा और फिर से वैरिफिकेशन के बाद उन्हें ब्लू टिक दे दिया जाएगा. माना जा रहा है कि कंपनी ने ऐसे यूजर्स पर सख्ती करने के लिए इस फीचर को लॉन्च किया है जो किसी विशेष ट्रेंड को चलाने या किसी विषय पर विरोध या समर्थन के लिए डीपी और नाम बदल देते हैं.
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