निवेशक कम से कम राशि के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं INR 1000 और के मामले मेंघूँट जितना कम INR 500 . कई म्यूचुअल फंड कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, जो पहली बार निवेशकों को यह तय करने में मदद करते हैं कि किस राशि से शुरुआत करनी है। ये म्यूचुअल फंड कैलकुलेटर मदद करते हैंइन्वेस्टर किक-स्टार्ट निवेश।

शेयर बाजार में निवेश के लिए इन 10 बातों को लिख कर रख लो, कई गुना बढ़ जाएगी दौलत

शेयर बाजार (share market) ऐसी जगह है जहां आपकी पूंजी के कई गुना बढ़ने की संभावना हमेशा मौजूद रहती है, बशर्ते आप निवेश के लिए सही कंपनी की पहचान करना जानते हों. बाजार में कई ऐसे शेयर्स की मिसाल भी मिल जाएगी, जिनमें पैसे लगाने वालों को 3, 5 या 10 साल में कई गुना रिटर्न मिला है. लेकिन सिर्फ पिछले रिटर्न को देखकर पैसे लगा देना समझदारी नहीं है. एक गलत फैसला आपके निवेश को आसमान पर ले जाने की जगह रसातल में भी पहुंचा सकता है

ट्रैक रिकॉर्ड को हमेशा बेहतर भविष्य का सिग्नल नहीं माना जा सकता. लगातार हाई रिटर्न देने वाला शेयर भी नुकसान करा सकता है, अगर उसके भविष्य का आउटलुक कमजोर हो. ऐसा भी हो सकता है कि लगातार रिटर्न देने वाला शेयर मौजूदा भाव पर महंगा हो. इसलिए अच्छे शेयर चुनते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें-

1. शेयर का रिटर्न नहीं, कंपनी का बिजनेस देखें

दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट (Warren Buffett) कहते हैं कि स्मार्ट इन्‍वेस्‍टर्स को किसी शेयर का रिटर्न नहीं, बल्कि कंपनी का बिजनेस देखना चाहिए. यानी शेयर नहीं, कंपनी के बिजनेस में पैसे लगाने चाहिए. जिस कंपनी का बिजनेस सफल होगा, उसका शेयर भी अच्‍छा रिटर्न देगा. इसलिए उन कंपनी के शेयरों की पहचान करें, जिनमें मजबूत ग्रोथ की क्षमता हो.

2. कंपनी का फ्यूचर आउटलुक देखें

किसी कंपनी का शेयर खरीदते समय देखें कि उसका भविष्य कैसा है. कंपनी का बिजनेस मॉडल लंबे समय तक दमखम के साथ बने रहने वाला है या नहीं. यह भी देखें कि आप जिस कंपनी में निवेश करने की सोच रहे हैं, वह सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले कितनी इन्नोवेटिव है यानी अपने प्रोडक्ट्स और बिजनेस मॉडल में कितना नयापन ला रही है. हाई रिटर्न स्टॉक बनने के लिए जरूरी है कि कंपनी की लीडरशिप में वक्त से आगे चलने का विजन हो.

3. कंपनी मुनाफा ला रही है या नहीं?

निवेश के पहले यह भी देख लें कि पिछले दौर में मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी कहीं हाल के दिनों में मुनाफे के ट्रैक से उतर तो नहीं गई? अगर कंपनी लगातार मुनाफे में है तो वह निवेश के जरिए बिजनेस बढ़ाने की सोचेगी. यह भी देखना जरूरी है कि कंपनी जिस सेक्टर या प्रोडक्ट से अब तक मुनाफा कमाती रही है, उसकी व्यापक और दूरगामी संभावनाएं क्या हैं

कुछ उदाहरण:

RIL, Infosys और Maruti जैसी कंपनियां सामान्‍य माहौल में ज्यादातर समय मुनाफा दर्शाती हैं. इन कंपनियों में आप हमेशा नयापन देखेंगे

वहीं नए जमाने की बिजनेस वाली कुछ कंपनियां जैसे Paytm, Zomato, Cartrade Tech को अब तक मुनाफे की तलाश है. यही वजह है इन कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के बाद ज्यादातर समय दबाव में नजर आते रहे हैं

4. शेयर का सिर्फ बाजार भाव नहीं, वैल्‍यूएशन भी देखें

किसी शेयर का सिर्फ बाजार भाव नहीं, बल्कि यह भी देखें कि उसका वैल्यूएशन कैसा है. हो सकता है जो शेयर पहली नजर में अपनी कम कीमत की वजह से सस्ता लग रहा है, वह दरअसल किसी ज्यादा भाव वाले शेयर की तुलना में महंगा हो. मौजूदा कीमत पर कोई शेयर कितना महंगा या सस्ता है इसका अंदाजा कुछ हद तक P/E यानी प्राइस/अर्निंग रेशियो से लगाया जा सकता है. मोटे तौर पर यह मान सकते हैं कि P/E जितना ज्यादा होगा, शेयर उतना महंगा है.

5. EPS यानी प्रति शेयर आय

कंपनी का EPS देखने से यह पता चलता है कि कंपनी के रेवेन्यू, मार्जिन और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हो रही है या नहीं. जिस कंपनी के फाइनेंशियल में ग्रोथ क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है है, उसके शेयर में हाई रिटर्न की गुंजाइश होती है.

6. कंपनी पर ज्यादा कर्ज तो नहीं

शेयर चुनने से पहले यह भी देखें कि कंपनी पर ज्यादा कर्ज तो नहीं है. कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है, तो उसका असर आगे के कामकाज पर पड़ सकता है. क्योंकि कर्ज की भारी लागत न सिर्फ मुनाफे को कम करती है, बल्कि बिजनेस के विस्तार में अड़चन भी पैदा कर सकती है.

7. कैश फ्लो

अगर कंपनी फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) जेनरेट कर रही है तो इसका मतलब यह हुआ कि आगे ग्रोथ के मौके अच्छे हैं. लगातार कैश फ्लो जेनरेट करने वाली कंपनी पर अगर कर्ज है, तो भी वो उसे आसानी से चुका सकती है.

8. अच्छे ग्रुप का नया वेंचर

बाजार में पहले से मजबूती से टिके किसी अच्छे ग्रुप की नई कंपनी बाजार में लिस्‍ट हो, तो उस पर नजर रख सकते हैं. ग्रुप का मजबूत सपोर्ट नई कंपनी को कामयाब बना सकता है. जैसे भविष्य में अगर Reliance Jio का शेयर बाजार में लिस्‍ट हो, तो उसकी सफलता की संभावना बहुत अधिक होगी.

9. मैनेजमेंट क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है का ट्रैक रिकॉर्ड

शेयर की तलाश के समय कंपनी के मैनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड भी देखें. जिन कंपनियों के ऑपरेशन में उनके ओनर खुद शामिल होते हैं, उनकी सफलता की संभावना ज्यादा मानी जाती है. RIL, टाटा ग्रुप की कंपनियां, Wipro, Bajaj Finance और Dabur जैसी कई कंपनियां इस बात की मिसाल हैं.

10. प्रतियोगिता में आगे रहने वाली कंपनियां

अगर किसी कंपनी में कोई ऐसी खास बात है, जो उसे इंडस्ट्री की बाकी कंपनियों से दो कदम आगे रखती है, तो उसके शेयर में ग्रोथ की उम्मीद काफी बढ़ जाती है.

सिल्वर ईटीएफ में बढ़ी म्युचुअल फंड कंपनियों की दिलचस्‍पी; क्‍या है इस रूझान की वजह, जानें Experts की जुबानी

आंकड़े बताते हैं कि इस साल म्युचुअल फंड कंपनियों और निवेशकों दोनों का रुझान सिल्वर ईटीएफ (silver ETF Exchange Traded Fund) श्रेणी में निवेश पर रहा है। म्युचुअल फंड कंपनियों ने इसके जरिये 1400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाई हैं।

नई दिल्‍ली, एजेंसी। इस साल म्युचुअल फंड कंपनियों की ओर से सिल्वर ईटीएफ (silver ETF, Exchange Traded Fund) श्रेणी में निवेश के लिए कई नए फंड की पेशकश की गई है। सेबी ने इन फंड में निवेशकों के रुझान को लेकर आंकड़े जारी किए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि 2021 में पेश किए गए इस इनवेस्‍टमेंट एसेट क्‍लास की शुरुआत के बाद से म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इसमें दिलचस्‍पी दिखाई और इसके जरिये 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाई हैं। जानें इन फंड में निवेशकों के आकर्षण की क्‍या रही हैं वजहें.

मॉर्निंगस्टार इंडिया की वरिष्ठ विश्लेषक (प्रबंधक शोध) कविता कृष्णन कहती हैं कि सेबी के इस फैसले ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF, Exchange Traded Fund) का रास्ता खोल दिया है। चूंकि, ये एनएफओ (NFOs, New Fund Offers) निवेशकों को डिजिटल तरीके से चांदी में निवेश का मौका देते हैं। नवंबर, 2021 में सेबी के फैसले के बाद से कंपनियों में एनएफओ (NFOs, New Fund Offers) लाने की होड़ देखी जा रही है।

कविता कृष्णन का कहना है कि अधिकांश निवेशक चांदी एवं अन्‍य बहुमूल्‍य धातुओं को महंगाई के खिलाफ 'हेजिंग' यानी पूंजी के संरक्षण के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। ऐसे में सेबी के कदम ने निवेशकों को भौतिक रूप से चांदी रखने के बजाय डिजिटली फॉर्म के रूप में इसे रखने का विकल्प मिला है।

वहीं एडलवाइस एएमसी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी राधिका गुप्ता कहती हैं कि हाल के दिनों में चांदी में नरमी का रुख देखने को मिला है। चांदी की कीमतों में कमी आने के चलते परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां यानी एएमसी (Asset Management Companies, AMCs) सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF, Exchange Traded Fund) और एफओएफ ला रही हैं। निवेश के लिहाज से देखें तो यह बहुमूल्य धातु में निवेश के लिए बेहद उचित समय है।

कविता कृष्णन एक और महत्‍वपूर्ण बात की ओर इशारा करती हैं। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन, सौर और 5जी के दौर में उद्योगों में चांदी की भारी डिमांड है। इसकी वजह से निवेशक चांदी में पैसा लगाने के लिए तेजी से आकर्षित हुए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक अब तक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और निप्पन इंडिया म्यूचुअल फंड ने सिल्वर ईटीएफ शुरू किया है। यही नहीं एडलवाइस गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ एफओएफ भी निवेशकों के लिए खुले हैं।

Silver ETF है Gold ETF क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है की तरह निवेश का आकर्षक विकल्प, जानें इसके बारे में

Silver ETF: अब निवेशकों के पास सोने के साथ चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी निवेश करने का मौका है और इसके लिए सिल्वर ETF का ऑप्शन उनके पास है.

By: ABP Live | Updated at : 11 Jan 2022 01:10 PM (IST)

Edited By: Meenakshi

Silver ETF: सोने (Gold) और चांदी (Silver) का इस्तेमाल आभूषणों (Jewellery) के अलावा निवेश (Investment) के लिए भी किया जाता है. पारंपरिक तौर पर भारत में लोग लम्बे समय से सोने और चांदी में निवेश करते आये हैं. वजह यह है कि एक तो लोग सोन- चांदी में निवेश को सुरक्षित मानते हैं और दूसरा क्योंकि इनके दाम सीधे तौर पर महंगाई (Inflation) से जुड़े होते हैं. महंगाई बढ़ने के साथ-साथ सोने-चांदी के दामों में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है जिसका फायदा निवेशकों को मिलता है.

पिछले कुछ सालों में सोने में निवेश के कई विकल्प खुल गए जैसे कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्युचअल फंड इत्यादि किन्तु चांदी में निवेश के लिए अब तक सीमित विकल्प मौजूद थे जैसे कि चांदी के गहने और सिक्के लेकिन सेबी द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद अब सिल्वर ईटीएफ और फंड और फंड का विकल्प भी खुल गया है.

चांदी में निवेश के फायदे
ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के CFP पंकज मठपाल का कहना है कि सिल्वर यानि चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा औद्योगिक क्षेत्र जैसे की सोलर पैनल, मेडिकल इंस्ट्रूमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी, स्विचेस, और सैटेलाइट इत्यादि में भी होता है इसलिए चांदी की मांग भविष्य में और भी बढ़ने की सम्भवना है जिससे निवेशकों को मुनाफा हो सकता है. चांदी विद्युत की सुचालक है. हालांकि यह तांबे की तुलना में महंगी है किन्तु विशेष औद्योगिक विद्युत उत्पादों में जहां लागत के हिसाब से सम्भव हो सके चांदी का इस्तेमाल होता है.

शेयर बाजार और सिल्वर का आपस में विपरीत संबंध
सिल्वर का इक्विटी के साथ को-रिलेशन यानि कि पारस्परिक सम्बन्ध अच्छा नहीं है यानि की यदि कभी शेयर बाजार में मंदी आती है तो उस वक्त सिल्वर में तेजी देखी जा सकती है. इसलिए डायवर्सिफिकेशन के हिसाब से भी इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में सिल्वर का होना सही साबित हो सकता है. यदि दो असेट के बीच गहरा पारस्परिक सम्बन्ध हो तो एक समय पर दोनों में एक साथ तेजी या गिरावट देखी जा सकती है लेकिन शेयर बाजार और चांदी के बीच ऐसा जरूरी नहीं है.

चांदी में निवेश करने से पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का फायदा
अनिश्चितता के माहौल में चांदी की मांग और भी बढ़ जाती है क्योंकि चांदी को ऐसी स्थिति में एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है. साल 2008- 2009 की वैश्विक मंदी के दौरान 1 जनवरी 2008 से 27 फरवरी 2009 के बीच जहां निफ्टी-50 टोटल रिटर्न इंडेक्स ने 54.43 प्रतिशत का घाटा दर्ज किया था वहीं सिल्वर ने क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है 13.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी. कहने का मतलब यह है कि बाकी चीजों के साथ सिल्वर में निवेश होने से पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का फायदा मिलता है.

ऐतिहासिक तौर पर देखा गया है कि जब-जब महंगाई बढ़ती है तब तब चांदी के दाम बढ़ते हैं और ऐसे में चांदी निवेश का एक आकर्षक विकल्प बन जाती है. पिछले लगभग एक दशक में चांदी की उद्योग जगत में काफी मांग क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है बड़ी है. हालंकि पिछले प्रदर्शन से इस बात की गारंटी नहीं मिलती कि भविष्य में भी वैसा ही प्रदशन देखने को मिलेगा किन्तु यह जानकर अच्छा लगता है कि चांदी ने पिछले तीन साल में लगभग 74 प्रतिशत का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है.

निवेश के विकल्प
निवेशकों के पास अब ईटीएफ फंड ऑफ फंड की सुविधा है. सिल्वर ईटीएफ निवेशकों के पैसों को सिल्वर यानि कि चांदी में निवेश करते हैं और सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड सिल्वर ईटीएफ में. तो सिल्वर फंड ऑफ फंड और सिल्वर ईटीएफ दोनों का ही निवेश आखिर में चांदी में ही होता है. ईटीएफ में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की आवश्यकता होती है किन्तु फंड ऑफ फंड में डीमैट अकाउंट के बिना भी निवेश किया जा सकता है. सिल्वर ईटीएफ और फंड ऑफ फंड का उद्देश्य यह है कि इसमें निवेश करने पर निवेशकों को घरेलू बाजार में शुद्ध चांदी में निवेश पर मिलने वाले मुनाफे के सामान मुनाफा मिल सके. जरूरत पड़ने पर इन्हे आसानी से बेचा जा सकता है और इनके रख-रखाव की लागत भी कम होती है. निवेशक सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड में एसआईपी के जरिये भी निवेश कर सकते हैं.

क्या है टैक्स बेनिफिट
पंकज मठपाल का कहना है कि हालांकि सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने पर सीधे तौर पर इनकम टैक्स में छूट नहीं मिलती किन्तु यदि तीन साल से अधिक समय तक इसमें निवेशित रहने के बाद इसे बेचा जाये तो इस पर जो लाभ होगा उस पर इंडेक्सेशन का फायदा मिलता है जिससे मुनाफे पर लगने वाला टैक्स कम हो सकता है.

देश में पहला सिल्वर ETF
मार्किट रेगुलेटर सेबी से अनुमति मिलने के बाद देश में पहली बार सिल्वर ईटीएफ लॉन्च किया जा चुका है और साथ ही एक फंड ऑफ फंड भी लांच होने जा रहा है. निवेशक न्यूनतम 100 रुपये से निवेश शुरू कर सकते है. ये दोनों ही ओपन एंडेड स्कीम हैं यानि कि एनएफओ बंद होने के बाद भी बाजार भाव पर इनमें निवेश किया जा सकेगा. आने वाले समय में और भी म्यूचुअल फंड कंपनियां सिल्वर ईटीएफ लेकर आ सकती हैं.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना ज़रूरी है की मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

Published at : 11 Jan 2022 01:10 PM (IST) Tags: Silver silver ETF Silver Exchange Traded Fund Silver Investment हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

पैसे निवेश करने के सर्वोत्तम तरीके

आजकल, बहुत से लोग पैसा निवेश करने के सर्वोत्तम तरीकों की तलाश करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाले सही निवेश साधन को चुनने में भ्रमित होते हैं। हालाँकि,निवेश पैसा या निवेश का निर्णय लेना इतना आसान नहीं है, क्योंकि निवेशक सिर्फ एक साधन में कई उद्देश्यों की तलाश करते हैं। इसलिए एक सवाल उठता है-कहां निवेश करें? वैसे, पैसा निवेश करने के लिए विविध विकल्प हैं, लेकिन हमने कुछ को शॉर्टलिस्ट किया है जो विचार करने योग्य हैं!

सर्वोत्तम साधन में पैसा निवेश करें

1. म्युचुअल फंड

म्यूचुअल फंड्स पैसा निवेश करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक माना जाता है। शब्द के अनुसार, एक म्युचुअल फंड धन का एक सामूहिक पूल है जिसका उद्देश्य प्रतिभूतियों की खरीद (फंड के माध्यम से) करना है। यह निवेशकों को एक मार्ग प्रदान करता हैपैसे बचाएं और समय के साथ रिटर्न कमाते हैं। म्यूचुअल फंड विविध निवेश विकल्प प्रदान करते हैं जैसेबांड, कर्ज,इक्विटीज, आदि, निवेशकों को अलग खरीदारी और व्यापार करने की आवश्यकता के बिना। विभिन्न हैंम्यूचुअल फंड के प्रकार जिस पर आप पैसा निवेश करने की योजना बनाते समय विचार कर सकते हैं।

निवेशक कम से कम राशि के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं INR 1000 और के मामले मेंघूँट जितना कम INR 500 . कई म्यूचुअल फंड कैलकुलेटर उपलब्ध हैं, जो पहली क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है बार निवेशकों को यह तय करने में मदद करते हैं कि किस राशि से शुरुआत करनी है। ये म्यूचुअल फंड कैलकुलेटर मदद करते हैंइन्वेस्टर किक-स्टार्ट निवेश।

भारत में 44 म्यूचुअल फंड कंपनियां हैं (जिन्हें कहा जाता है)संपत्ति प्रबंधन कंपनियां "एएमसी") जो म्यूचुअल फंड योजनाएं प्रदान करते हैं। इन कंपनियों द्वारा नियंत्रित किया जाता हैसेबी.

भारत में निवेश करने के लिए सर्वश्रेष्ठ म्युचुअल फंड

Fund NAV Net Assets (Cr) 3 MO (%) 6 MO (%) 1 YR (%) 3 YR (%) 5 YR (%) 2021 (%) Sub Cat.
Principal Emerging Bluechip Fund Growth ₹183.316
↑ 2.03
₹3,124 2.9 13.6 38.9 21.9 19.2 Large & Mid Cap add_shopping_cart

2. सावधि जमा (एफडी)

सावधि जमा पैसा निवेश करने के सबसे आम तरीकों में से एक है। हर एकबैंक में विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करता हैएफडीजो आकर्षक रिटर्न की ओर ले जाएगा। FD एक निश्चित परिपक्वता अवधि के साथ आती है। साथ ही, चूंकि इसकी परिपक्वता अवधि 15 दिनों से लेकर पांच क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है वर्ष तक होती है, इसलिए इसे अल्पकालिक और दीर्घकालिक निवेश दोनों के लिए माना जा सकता है। निवेशक औसतन 9.5% प्रति वर्ष की ब्याज दर से कमा सकते हैं। इसलिए, यदि आप एक सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो FD पैसे निवेश करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।

3. रियल एस्टेट

रियल एस्टेट सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प है। मूल रूप से, अचल संपत्ति निवेश करती है और स्वामित्व, भूमि या संपत्ति (संपत्ति) की खरीद से संबंधित है। किसी भी प्रकार की संपत्ति में निवेश करने से पहले, पहले गहराई से विवरण प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, आपको संपत्ति/भूमि के स्थान पर विचार करना चाहिए, थोक संपत्तियों की तलाश करनी चाहिए, आदि। इसमें निवेश करने के लिए एक बड़ी राशि लग सकती है, लेकिन यह उच्च रिटर्न निवेश के साथ कम जोखिम वाला है। हालांकि, अगर आप पैसे निवेश करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक की तलाश कर रहे हैं तो रियल एस्टेट सोचने लायक है!

पैसा निवेश करने के लिए सोना हमेशा सबसे अच्छे तरीकों में से एक रहा है। इसके अलावा, भारतीयों का पारंपरिक रूप से के प्रति लगाव रहा हैसोने में निवेश. उन्होंने हमेशा सोने को एक संपत्ति के रूप में देखा है, जो समय के साथ धन जमा करता है। सोने ने हमेशा वर्षों तक अपना मूल्य बनाए रखा है। इसके अलावा, यह के खिलाफ एक उत्कृष्ट बचाव रहा हैमुद्रास्फीति, यानी, इसे मुद्रा के घटे हुए मूल्य से सुरक्षा प्रदान करने वाला माना जाता है।

हालांकि, सोने में पैसा लगाने के इच्छुक निवेशक क्या ETF में पैसा लगाने का ये सही समय है ईटीएफ या अधिक विशेष रूप से गोल्ड ईटीएफ के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। वहां कई हैंनिवेश के लाभ सोने के माध्यम से सोने मेंईटीएफ. यदि आप निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको सबसे अच्छा चुनना चाहिएगोल्ड ईटीएफ सभी गोल्ड ईटीएफ के प्रदर्शन को ध्यान से देखकर निवेश करें और फिर एक सोच-समझकर निर्णय लें।

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कैसे करे – आसान हिन्दी में बेहतरीन आर्टिकल्स की एक शुरुआती गाइड

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट हर एक इन्वेस्टर के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं । जिसका कारण है इससे मिलने वाले फायदे। इसके कईं फायदों में से कुछ सबसे महत्वपूर्ण फ़ायदे नीचे दिए हैं, जो इन्वेस्टर्स को अपनी ओर खींचते है और जिसकी वजह से –

  • इन्वेस्टर्स कितनी भी राशि के साथ शुरुआत कर सकते हैं ( 500 जितना कम भी )
  • इन्वेस्टर्स, अलग-अलग स्टॉक्स और डेट,गोल्ड जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं
  • हर महीने ऑटोमेटेड इन्वेस्मेंट्स शुरू कर सकते हैं (SIP)
  • डीमैट अकाउंट खोले बिना भी इन्वेस्ट कर सकते हैं

शुरुआती इन्वेस्टर्स के लिए इस म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट गाइड में हमने कुछ आर्टिकल्स को आपके लिए चुना है। जो म्युचुअल फंड को समझने में और कैसे इन्वेस्ट करना शुरू करें, इसमें आपकी मदद करेंगे। हम सुझाव देंगे कि आप इस पेज को बुकमार्क कर लें ताकि आप इन आर्टिकल्स को अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी पढ़ सकें।

1.म्युचुअल फंड्स की जानकारी

अगर आप म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में पहले से जानते हैं, तो आप सीधे अगले सेक्शन पर जा सकते है । ये 5 आर्टिकल्स, म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में सारी ज़रूरी जानकारी देंगे । हम टैक्स सेविंग फंड्स पर भी एक विशेष आर्टिकल दे रहे हैं।

    और ये कैसे काम करते हैं?
  • म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना बनाम डायरेक्ट इक्विटी
  • . म्युचुअल फंड्स के फायदे और नुकसान
  • टैक्स सेविंग(ईएलएसएस) फंड्स

2.म्युचुअल फंड्स का एक पोर्टफ़ोलियो बनाना

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने का सही तरीका है – सबसे पहले इसका पोर्टफोलियो बनाना । एक पोर्टफोलियो, म्युचुअल फंड का एक समूह होता है। यह आपको अपने इन्वेस्टमेंट के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। आपका सारा रिटर्न् आपके पूरे पोर्टफोलियो पर टिका होता है, ना कि किसी एक विशेष फंड पर। इस सेक्शन में, हम यह सीखेंगे कि म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो कैसे तैयार किया जाता है।

  • पोर्टफोलियो इन्वेस्टिंग क्या है कैसे तैयार किया जाए
  • अपने पोर्टफोलियो के लिए सही म्युचुअल फंड चुनना
  • म्युचुअल फंड को कब बेचें

3.म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना

कईं शुरुआती इन्वेस्टर्स म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने की प्रक्रिया को मुश्किल मानकर उसमें इन्वेस्ट करने से कतराते हैं। ये आर्टिकल्स ऐसे ही शुरुआती इन्वेस्टर्स को म्युचुअल फंड को समझने में और इन्वेस्टमेंट शुरू करने में मदद करेंगे।

    और ये म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के लिए ज़रूरी क्यों है (SIP) के द्वारा इन्वेस्ट करना

4.कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करते समय कुछ ज़रूरी बातें है, जिनकी जानकारी हर शुरुआती इन्वेस्टर को होनी चाहिए । इन बातों को समझे बिना इन्वेस्ट करने से, रिटर्न्स पर काफ़ी बुरा असर पड़ सकता है।

  • म्युचुअल फंड्स पर टैक्स
  • म्युचुअल फंड्स से पैसे निकालने पर एग्ज़िट लोड
  • म्युचुअल फंड्स का एक्सपेंस रेशो
  • इन्वेस्टमेंट से जुड़ी भाषा की जानकारी

जहाँ म्युचुअल फंड्स की बात आती है वहाँ आमतौर पर लिस्ट में दिए गए इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है । हालाँकि शुरुआती इन्वेस्टर्स को इन सभी शब्दों को याद रखने की ज़रूरत नहीं है, आप किसी भी शब्द को सीखने के लिए, ग्लोसरी (डिक्शनरी) के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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